‘श्रेष्ठ अंडमान’ के विजन के साथ विकास की नई दिशा : डॉ. दिनेश शर्मा
‘श्रेष्ठ अंडमान’ के विजन के साथ विकास की नई दिशा: एलजी डॉ. दिनेश शर्मा
पानी, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, कनेक्टिविटी और रोजगार पर विशेष जोर; द्वीपों की जरूरतों को केंद्र सरकार के समक्ष उठाने का भरोसा
श्री विजयपुरम । अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के नवनियुक्त उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा ने द्वीपों के समग्र विकास के लिए ‘श्रेष्ठ अंडमान’ का विजन सामने रखा है। पदभार ग्रहण करने के बाद अपने पहले सार्वजनिक संबोधन में उन्होंने आम लोगों से जुड़े बुनियादी मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही।
डॉ. शर्मा ने 17 सितंबर को ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर कहा कि अंडमान-निकोबार को अधिक सुंदर और विकसित बनाने के साथ-साथ यहां के लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से जलापूर्ति, बिजली, सड़क, समुद्री परिवहन और हवाई संपर्क को मजबूत करने पर जोर दिया।
एलजी ने कहा कि द्वीपों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की आवश्यकता है। गंभीर बीमारियों, विशेषकर हृदय रोग और कैंसर जैसी समस्याओं के उपचार के लिए उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने संकेत दिया कि आवश्यक उपकरण और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय से संपर्क किया जाएगा।
शिक्षा और रोजगार को भी उन्होंने विकास की महत्वपूर्ण कड़ी बताया। डॉ. शर्मा ने कहा कि द्वीपों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के अधिक अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा अंडमान-निकोबार के लोगों को रोजगार में प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया।
समुद्री परिवहन के संबंध में उन्होंने नए जहाजों की आवश्यकता और यात्रियों की सुविधाओं में सुधार की बात कही। वहीं, हवाई संपर्क को अधिक सुलभ बनाने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय के समक्ष द्वीपों की आवश्यकताओं को रखने की बात कही। उनका जोर बेहतर, सुरक्षित और किफायती हवाई सेवाओं पर रहा।
मत्स्य क्षेत्र को आर्थिक गतिविधियों और निर्यात का महत्वपूर्ण माध्यम बनाने पर भी एलजी ने बल दिया। उन्होंने मछुआरों के लिए बेहतर सुविधाओं तथा कोल्ड स्टोरेज जैसी आधारभूत व्यवस्थाओं की जरूरत बताई।
बिजली आपूर्ति को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त ऊर्जा उत्पादन की संभावनाओं पर विचार करने की बात भी डॉ. शर्मा ने कही। साथ ही उन्होंने गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण को विकास की बुनियादी जरूरत बताते हुए वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप सड़क अवसंरचना विकसित करने पर जोर दिया।
डॉ. शर्मा ने कहा कि द्वीपों की समस्याओं और आवश्यकताओं को समझने के लिए उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठकें शुरू कर दी हैं। विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली और कमियों को समझने के बाद वे संबंधित मंत्रालयों के समक्ष अंडमान-निकोबार की जरूरतों को रखेंगे।
उन्होंने अंडमान-निकोबार को स्वतंत्रता संग्राम की विरासत से जुड़ी पवित्र भूमि बताते हुए स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
अपने संबोधन के अंत में डॉ. शर्मा ने ‘श्रेष्ठ भारत’ की तर्ज पर ‘श्रेष्ठ अंडमान’ के निर्माण का संकल्प व्यक्त किया और कहा कि द्वीपों के समग्र विकास के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों को मिलकर काम करना होगा।