वैश्विक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में भारत की बढ़ती ताकत का प्रदर्शन

Rajmaya 21/9/2026
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सेमिकॉन इंडिया 2026 का सफल समापन

नई दिल्ली । सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमताओं और वैश्विक भागीदारी को रेखांकित करते हुए सेमिकॉन इंडिया 2026 का पांचवां संस्करण शनिवार को नई दिल्ली के यशोभूमि में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। “सिलिकॉन टू सिस्टम्स: बिल्डिंग द इकोसिस्टम” थीम पर 17 से 19 सितंबर तक आयोजित तीन दिवसीय आयोजन में देश-दुनिया की सेमीकंडक्टर कंपनियों, विशेषज्ञों, निवेशकों, स्टार्टअप्स, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों ने भाग लिया।

आयोजन में 51,656 पंजीकरण हुए और लगभग 40,000 लोगों की उपस्थिति दर्ज की गई। 52 देशों के प्रतिनिधियों, 600 से अधिक प्रदर्शकों और लगभग 300 अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की भागीदारी ने इसे भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र का व्यापक वैश्विक मंच बना दिया। जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, नीदरलैंड, सिंगापुर और स्वीडन के छह देश पवेलियन तथा 12 राज्य पवेलियन भी आयोजन का हिस्सा रहे।

सेमिकॉन 2.0 से नई दिशा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सेमिकॉन इंडिया 2026 का उद्घाटन किया और भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा में नीति निर्माण से लेकर परियोजनाओं तथा व्यावसायिक उत्पादन तक हुई प्रगति को रेखांकित किया। उन्होंने युवा चिप डिजाइनरों और छात्रों से संवाद किया तथा मोहाली स्थित सीडीआईएल सेमीकंडक्टर और सूरत स्थित सुची सेमीकॉन की व्यावसायिक उत्पादन लाइनों का वर्चुअल उद्घाटन किया।

प्रधानमंत्री ने सेमिकॉन 2.0 की दिशा भी सामने रखी। इसके लिए 1,27,500 करोड़ रुपये का परिव्यय निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम के छह प्रमुख स्तंभों में डिजाइन, मशीन एवं सामग्री, नई फैब्स, उन्नत पैकेजिंग, अनुसंधान तथा प्रतिभा विकास शामिल हैं।

सेमिकॉन 1.0 के अंतर्गत स्वीकृत 12 परियोजनाओं में से अब पांच सेमीकंडक्टर इकाइयां व्यावसायिक रूप से चालू हो चुकी हैं। यह भारत में सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षमता के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाता है।

56 एमओयू और रणनीतिक घोषणाएं

तीन दिनों के दौरान सेमीकंडक्टर डिजाइन, फैब्रिकेशन, उन्नत पैकेजिंग, उपकरण एवं सामग्री, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, एआई, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, आरएंडडी, लॉजिस्टिक्स, तकनीक के व्यावसायीकरण और कौशल विकास से जुड़े 56 एमओयू, घोषणाएं एवं रणनीतिक पहल सामने आईं।

चर्चाओं में लचीली आपूर्ति श्रृंखला, एआई-सक्षम चिप डिजाइन एवं विनिर्माण, स्वदेशी आरएंडडी, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, डिस्प्ले तकनीक, कार्यबल विकास और सेमीकंडक्टर विनिर्माण में महिलाओं की भागीदारी जैसे विषय प्रमुख रहे।

‘सिलिकॉन टू सिस्टम्स’ पर जोर

समापन दिवस पर सेमीकंडक्टर डिजाइन और विनिर्माण को सामग्री, उपकरण, पैकेजिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स प्रणालियों से जोड़ने वाले “सिलिकॉन टू सिस्टम्स” दृष्टिकोण पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही टिकाऊ विनिर्माण, उन्नत डिस्प्ले, स्थानीयकरण, व्यापार सुगमता और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास पर भी चर्चा हुई।

स्टार्टअप और युवा प्रतिभाओं को मंच

सेमिकॉन इंडिया 2026 में स्वदेशी नवाचार और डीप-टेक उद्यमिता को भी प्रमुख स्थान मिला। डिजिटल इंडिया RISC-V ग्रैंड चैलेंज में 5,045 प्रतिभागियों वाली 1,236 टीमों ने हिस्सा लिया। स्वदेशी वेगा और शक्ति प्रोसेसर आधारित सिस्टम-ऑन-चिप समाधानों के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों को सम्मानित किया गया।

इसके अलावा तीन हैकथॉनों में 900 से अधिक कॉलेजों की 3,800 से ज्यादा टीमों ने पंजीकरण कराया। विजेता प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार, इंटर्नशिप, सॉफ्टवेयर टूल और कंप्यूट क्रेडिट प्रदान किए गए।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी रहा केंद्र में

सेमिकॉन इंडिया 2026 के दौरान भारत-अमेरिका, भारत-जापान, भारत-सिंगापुर, भारत-यूरोप, भारत-दक्षिण कोरिया और भारत-मलेशिया राउंडटेबल आयोजित किए गए। इनमें व्यापारिक साझेदारी, तकनीकी सहयोग, उपकरण एवं सामग्री, उन्नत पैकेजिंग, निवेश, आरएंडडी, आपूर्ति श्रृंखला और प्रतिभा विकास जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

तीन दिनों के इस आयोजन ने डिजाइन और बौद्धिक संपदा से लेकर सामग्री, उपकरण, फैब्रिकेशन, उन्नत पैकेजिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, अनुसंधान, स्टार्टअप, सस्टेनेबिलिटी और प्रतिभा विकास तक पूरी सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन को एक मंच पर जोड़ा। सेमिकॉन इंडिया 2026 ने भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में घरेलू क्षमता निर्माण के साथ वैश्विक सहयोग और निवेश के लिए भी व्यापक अवसर प्रस्तुत किए।

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