“क्वांटम टेक्नोलॉजी स्टार्टअप ईग्रीन क्वांटा ने इनोग्रेस के साथ मिलकर भारतीय रक्षा के क्वांटमाइजेशन और मिशन सुदर्शन चक्र हेतु साझेदारी की”
नई दिल्ली :हाल ही में लाल किले से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय सुरक्षा पहल ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ की घोषणा की। इस मिशन का उद्देश्य भारत की महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक परिसंपत्तियों की रक्षा को स्वदेशी तकनीकी विकास के माध्यम से सुनिश्चित करना है।
क्वांटम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य उभरती हुई तकनीकें भारतीय रक्षा को परिवर्तित करने और ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी। इसी दृष्टिकोण से, दिल्ली स्थित क्वांटम टेक्नोलॉजी स्टार्टअप ईग्रीन क्वांटा और इनोग्रेस वेंचर्स ने साझेदारी की है, ताकि क्वांटम-एआई आधारित तकनीकी समाधानों जैसे क्वांटम सेंसर, क्वांटम रडार, क्वांटम बैटरी, क्वांटम सुरक्षा तथा क्वांटम एल्गोरिद्म आधारित लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन ऑप्टिमाइजेशन को विकसित और लागू किया जा सके।
ईग्रीन क्वांटा, जिसने क्वांटम डॉट रडार, क्वांटम श्रॉडिंगर चैनल (अंतरिक्ष तकनीक हेतु) और क्वांटम बैटरी टेक्नोलॉजीज में पेटेंट हासिल किए हैं, ने हाल ही में इनोग्रेस वेंचर्स के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका उद्देश्य भारतीय रक्षा और मिशन सुदर्शन चक्र के लिए क्वांटमाइजेशन को आगे बढ़ाना और सीमाओं व रणनीतिक परिसंपत्तियों की रक्षा करना है।
ईग्रीन क्वांटा के संस्थापक डॉ. कुमार गौतम राय ने कहा, “हम क्वांटम डॉट आधारित तकनीकों के अग्रणी हैं। हमारी क्वांटम रडार और सेंसर तकनीकें छिपी हुई वस्तुओं, संकेतों और पैटर्न को उच्च संवेदनशीलता से पहचान सकती हैं, जिससे हमारी रक्षा सेनाओं को अतिरिक्त सामरिक शक्ति और रणनीतिक बढ़त मिलेगी। हमारी नवाचारपूर्ण तकनीकें मिशन सुदर्शन चक्र के लक्ष्यों के अनुरूप हैं।”
इनोग्रेस के संस्थापक श्री सुमंत परिमल ने कहा, “भारतीय रक्षा बलों की हालिया आवश्यकताओं और प्रधानमंत्री द्वारा घोषित मिशन सुदर्शन चक्र ने रक्षा प्रणालियों में तकनीकी उन्नयन की आवश्यकता को बढ़ा दिया है। क्वांटम एवं एआई-रोबोटिक्स जैसी तकनीकें इस दृष्टि को पूरा करने में अग्रणी होंगी। ईग्रीन क्वांटा की पेटेंटेड क्वांटम रडार एवं सेंसर तकनीकें रक्षा बलों के लिए निर्णायक साबित होंगी। हमारे गुजरात स्थित आगामी ‘ग्रेटर कर्णावती क्वांटम कंप्यूटिंग टेक्नोलॉजी पार्क (GKQCTP)’ में इन तकनीकों का बड़े पैमाने पर अनुसंधान, उत्पादन और तैनाती होगी।”
डॉ. राय ने यह भी बताया कि ईग्रीन क्वांटा क्वांटम बैटरियों और क्वांटम लॉजिस्टिक्स ऑप्टिमाइजेशन पर भी कार्यरत है। ये बैटरियाँ रक्षा उपकरणों, उपग्रहों, लड़ाकू विमानों, ड्रोन और नौसैनिक जहाजों को लंबी अवधि तक विश्वसनीय ऊर्जा आपूर्ति प्रदान करेंगी।
भारत सरकार का राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) और गुजरात सरकार के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मिशन इस क्वांटम टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को मजबूत करने हेतु सहयोग प्रदान करेंगे।